नई दिल्ली. 93 साल के वकील राम जेठमलानी ने अरविंद केजरीवाल का अरुण जेटली
की ओर से दायर किया गया मानहानि केस छोड़ दिया है। जेठमलानी ने एक न्यूज
एजेंसी को बताया- ''मैंने केजरीवाल का केस छोड़ दिया है। उन्हें वह लेटर
रिलीज करना चाहिए, जो मैंने उन्हें भेजा है। वो फीस नहीं देगा तो कोई बात
नहीं। मैं हजारों लोगों के लिए फ्री में काम करता हूं।'' बता दें कि अरुण
जेटली ने अरविंद केजरीवाल पर 10-10 करोड़ की मानहानि के दो केस दायर किए
हैं। जेटली ने पहला केस डीडीसीए से जुड़े मामले में दायर किया था। सुनवाई
के दौरान केजरीवाल की तरफ से हुई टिप्पणियों के बाद जेटली ने एक और केस
दायर किया। सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही है। केजरीवाल का केस राम
जेठमलानी लड़ रहे थे।
क्या है फीस का पेंच?
- केजरीवाल के खिलाफ मानहानि केस में फीस को लेकर पेंच अप्रैल से फंसा है। जेठमलानी ने कहा था कि अगर दिल्ली सरकार फीस का पेमेंट नहीं करती तो वो केजरीवाल को गरीब मानकर उनका केस फ्री में लड़ेंगे।
- इस मामले में एलजी अनिल बैजल ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा था कि केजरीवाल के वकील की फीस का पेमेंट सरकारी पैसे से हो सकता है या नहीं?
- फीस के पेमेंट में पेंच आने के बाद जेठमलानी ने पहले भी कहा था, "मैं सिर्फ अमीरों से पैसे लेता हूं, गरीबों के लिए फ्री में काम करता हूं। यह सब जेटली जी की ओर से शुरू किया गया है, जो मेरे क्रॉस एग्जामिनेशन से डरते हैं। अगर दिल्ली सरकार पैसे नहीं देती है या नहीं दे सकती है तो मैं केजरीवाल के लिए फ्री में केस लड़ूंगा, उन्हें एक गरीब क्लाइंट के तौर पर ट्रीट करूंगा।’
- इस पर लॉ डिपार्टमेंट का मानना है कि जब केस सरकार से जुड़ा नहीं है तो फीस का पेमेंट सरकारी खर्च से क्यों होना चाहिए।
- केजरीवाल के खिलाफ मानहानि केस में फीस को लेकर पेंच अप्रैल से फंसा है। जेठमलानी ने कहा था कि अगर दिल्ली सरकार फीस का पेमेंट नहीं करती तो वो केजरीवाल को गरीब मानकर उनका केस फ्री में लड़ेंगे।
- इस मामले में एलजी अनिल बैजल ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा था कि केजरीवाल के वकील की फीस का पेमेंट सरकारी पैसे से हो सकता है या नहीं?
- फीस के पेमेंट में पेंच आने के बाद जेठमलानी ने पहले भी कहा था, "मैं सिर्फ अमीरों से पैसे लेता हूं, गरीबों के लिए फ्री में काम करता हूं। यह सब जेटली जी की ओर से शुरू किया गया है, जो मेरे क्रॉस एग्जामिनेशन से डरते हैं। अगर दिल्ली सरकार पैसे नहीं देती है या नहीं दे सकती है तो मैं केजरीवाल के लिए फ्री में केस लड़ूंगा, उन्हें एक गरीब क्लाइंट के तौर पर ट्रीट करूंगा।’
- इस पर लॉ डिपार्टमेंट का मानना है कि जब केस सरकार से जुड़ा नहीं है तो फीस का पेमेंट सरकारी खर्च से क्यों होना चाहिए।
क्या है मामला?
- पिछले साल आप नेताओं ने जेटली पर दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (DDCA) में कथित घोटाले का आरोप लगाया था। जेटली 13 साल तक डीडीसीए के प्रेसिडेंट रहे थे, 2013 में पद छोड़ दिया था।
- इस दौरान जेटली ने लगातार इन आरोपों को खारिज किया था। अपना नाम घसीटे जाने पर केजरीवाल और 5 आप नेताओं के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में क्रिमिनल और हाईकोर्ट में सिविल मानहानि केस दायर किया था।
- पिछले साल आप नेताओं ने जेटली पर दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (DDCA) में कथित घोटाले का आरोप लगाया था। जेटली 13 साल तक डीडीसीए के प्रेसिडेंट रहे थे, 2013 में पद छोड़ दिया था।
- इस दौरान जेटली ने लगातार इन आरोपों को खारिज किया था। अपना नाम घसीटे जाने पर केजरीवाल और 5 आप नेताओं के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में क्रिमिनल और हाईकोर्ट में सिविल मानहानि केस दायर किया था।
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